Sunday, May 16, 2010

कनाडा में लेखकों के बीच कथाकार तेजेन्द्र शर्मा


टोरोंटो। विगत दिनों कथा यूके के महासचिव और विश्वप्रसिद्ध कहानीकार तेजेन्द्र शर्मा हिन्दी राइटर्स गिल्ड के आमंत्रण पर कैनेडा आए। उनके तीन दिन के कैनेडा प्रवास पर जिन कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, उनसे वृहत टोरोंटो के साहित्य जगत में एक बड़ी चर्चा के साथ नवचेतना का वातावरण विकसित हुआ। हिन्दी राइटर्स गिल्ड के उद्देश्यों में एक उद्देश्य विभिन्न देशों में बिखरे हिन्दी साहित्य जगत में विचार-सेतु का निर्माण करना भी है, यह उसी दिशा में उनका यह एक महत्वपूर्ण प्रवास था। इन दिनों जो कार्यक्रम हुए उनके रिपोतार्ज


हिन्दी साहित्य सभा ने टोरोंटो में तेजेन्द्र शर्मा का अभिनन्दन किया। चौबीस अप्रैल को हिन्दी साहित्य सभा टोरोंटो ने हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सहयोग से एक काव्य सम्मेलन का आयोजन किया। यह आयोजन ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की फ़ोर कॉरनर्ज़ शाखा के सभागार में आयोजित किया गया था। काव्य सम्मेलन में दोनों संस्थाओं के कवियों और कवयित्रियों को आमंत्रित किया गया था। सम्मेलन की संचालिका मानोशी चटर्जी ने तेजेन्द्र शर्मा, उपस्थित कवियों और श्रोताओं का स्वागत किया, हिन्दी साहित्य सभा की परंपरा के अनुसार कार्यक्रम सरस्वती वंदना से आरम्भ हुआ। मानोशी चटर्जी ने तेजेन्द्र शर्मा का विस्तृत परिचय देते हुए उनसे अतिथि अध्यक्ष के रूप में मंच पर बैठने के लिए आमंत्रित किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य सभा के संस्थापक सदस्यों में से एक और कैनेडा के हिन्दी साहित्य क्षेत्र की वरिष्ठ लेखिका दीप्ति अचला कुमार ने की।

हिन्दी साहित्य सभा के अध्यक्ष पाराशर गौड़ और दीप्ति अचला कुमार ने तेजेन्द्र शर्मा का अभिनन्दन प्रशस्ति पत्र और फूलों की भेंट से किया। पाराशर गौड़ ने तेजेन्द्र के स्वागत में दो शब्द कहते हुए उन्हें 'पूर्ण साहित्यकार' की संज्ञा से संबोधित किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षा दीप्ति अचला कुमार ने कहा कि वह एक अवधि से उनकी कहानियां अंतरजाल और पुस्तकों के माध्यम से पढ़ती रही हैं और आज सामने देख कर उन्हें हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सहयोग को रेखांकित करते हुए दीप्ति ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि दो संस्थाएं मिलकर यह कार्यक्रम कर रही हैं। इस अवसर पर तेजेन्द्र शर्मा ने कथा यूके की इंग्लैंड के साहित्य जगत में भूमिका की चर्चा करते हुए संस्था से पहले और बाद की अवस्था की तुलना की। भारतेतर लेखकों को 'प्रवासी' लेखक के संबोधन पर भी उन्होंने आपत्ति जताई परन्तु साथ ही उन्होंने विदेशों में रहने वाले लेखकों को प्रोत्साहित किया कि वह 'नॉस्टेलजिया' की दलदल से बाहर आकर स्थानीय सरोकारों से अपने को जोड़ें और स्थानीय परिप्रेक्ष्य में ही साहित्य सृजन करें। उन्होंने कहा कि अंग्रेज़ी भाषा के कैनेडियन लेखक को प्रवासी लेखक या ऑस्ट्रेलिया के लेखक को प्रवासी लेखक इसी कारण से नहीं कहा जाता क्योंकि उनके लेखन में स्थानीय सरोकारों की प्रधानता रहती है। तेजेन्द्र ने अपने काव्य संकलन 'ये घर तुम्हारा है ' की चर्चा करते हुए अपने वक्तव्य पर बल दिया। उन्होंने अपने संबोधन में अपनी काव्य रचनाओं को इस तरह बुना कि पता ही नहीं चला कि किस तरह एक घंटा बीत गया। अभी श्रोताओं का मन नहीं भरा था परन्तु समय की सीमा को देखते हुए तेजेन्द्र ने अपनी व्यंग्य रचना 'मकड़ी बुन रही है जाल ' से समापन किया।

काव्य पाठ करने वाले और कवि थे– सुमन कुमार घई, भगवत शरण श्रीवास्तव, लता पांडे, भुवनेश्वरी पांडे, इंदिरा वर्मा, राज महेश्वरी, सरोजिनी जौहर, देवेन्द्र मिश्रा, सुधा मिश्रा, विजय विक्रान्त, प्रमिला भार्गव, राज शर्मा, प्राण किरतानी, कृष्णा वर्मा, प्रवीण कौर, अवतार गिल, राज कश्यप, राकेश तिवारी, मीना चोपड़ा, मानोशी चटर्जी, गोपाल बघेल, पाराशर गौड़ और दीप्ति अचला कुमार भी। कार्यक्रम का समय दोपहर दो बजे से चार बजे तक तय हुआ था परन्तु चला लगभग पांच बजे तक। समय की कमी थी तो अल्पाहार श्रोताओं को अपनी सीटों पर ही दे दिया गया। स्थानीय कवियों की कविता सुनने के बाद तेजेन्द्र शर्मा ने सुझाव दिया कि कवियों और कवयित्रियों को चाहिए कि वह गोष्ठियों में भारत के प्रतिष्ठित कवियों की रचनाएं भी सुनाएं और बताएं कि उन्होंने वही रचना क्यों चुनी। इस तरह से कविता पर मनन करने से स्थानीय कवियों की रचना स्तर में सुधार अवश्य आएगा। कार्यक्रम का समापन करते हुए दीप्ति अचला कुमार ने तेजेन्द्र शर्मा का पुनः धन्यवाद किया।


मिसिसागा में कथा-वाचन और कथा-लेखन कार्याशाला


टोरोंटो। मिसिसागा सेंट्रल लाइब्रेरी ने हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सहयोग से कथा यूके के महासचिव और कहानीकार तेजेन्द्र शर्मा को कथा-वाचन और कथा-लेखन की कार्यशाला के आयोजित की। यह कार्यक्रम मिसिसागा सेंट्रल लाइब्रेरी के हॉल में हुआ। हिन्दी राइटर्स गिल्ड की निदेशिका डॉ शैलजा सक्सेना ने तेजेन्द्र शर्मा का स्वागत किया और उनका परिचय देते हुए श्रोताओं को उनकी लेखन शैली से भी परिचित करवाया। डॉ शैलजा सक्सेना ने कथा यूके के विदेशों में बसे हिन्दी लेखकों से संपर्क बढ़ाने के कदम की सराहना की और तेजेन्द्र शर्मा को धन्यवाद दिया कि उन्होंने हिन्दी राइटर्स गिल्ड का आमंत्रण स्वीकार किया। हिन्दी राइटर्स गिल्ड समय-समय पर स्थानीय लेखकों के लिए कार्याशालाएं आयोजित करती रहती है परन्तु तेजेन्द्र जी जैसे कहानीकार की उपस्थिति ने इस कार्यशाला का महत्व बढ़ा दिया था।

कहानी पाठ से पहले हिन्दी राइटर्स गिल्ड के संस्थापक निदेशकों डॉ शैलजा सक्सेना, सुमन कुमार घई और विजय विक्रान्त ने तेजेन्द्र को मानद सदस्यता प्रदान करके सम्मानित किया। श्रोता, लेखक तेजेन्द्र शर्मा को सुनने के लिए उत्सुक थे और कार्यक्रम में औपचारिकताओं के लिए कोई समय नहीं रखा गया था ताकि तेजेन्द्र शर्मा के सीमित समय का सभी लाभ उठा सके। तेजेन्द्र ने अपनी कहानी 'कब्र का मुनाफ़ा' वाचन के लिए चुनी। शायद पहली बार श्रोताओं ने भावपूर्ण कथा वाचन सुना। कहानी के पात्र तेजेन्द्र शर्मा का स्वर पाकर सजीव हो गए। देखा गया कि कुछ श्रोता आंखे बंद करके कहानी को अपने मनःस्तल पर सिनेचित्र की तरह देख रहे थे। लेखक कहानी विधा के सजीव प्रस्तुतिकरण में खोए हुए थे। कहानी पाठ के बाद तेजेन्द्र शर्मा ने प्रश्नोत्तर का सत्र आरम्भ किया। मानोशी चटर्जी का पहला प्रश्न था कि लेखक को कितना 'पोलिटिक्ली करेक्ट' यानि राजनैतिक तौर से तटस्थ होना चाहिए? तेजेन्द्र शर्मा ने बताया कि कहानी में लेखक उसके पात्रों में न होकर उसमें सूत्रधार की तरह विवरणात्मक अभिव्यक्ति में होता है। किसी ने प्रश्न किया कि क्या यह कहानी एक संप्रदाय विशेष पर आक्रमण नहीं है? तेजेन्द्र शर्मा ने ध्यान दिलाया कि जिस पात्र के संवादों से यह लगता है उस पात्र के चरित्र की ओर ध्यान दें। वह सिवाय अपने धर्म के बाकी सभी से नफ़रत करता है। कहानी में अन्य धर्मों पर आक्रमण वह पात्र कर रहा है और उस वार्तालाप को संतुलित रखने के लिए कहानी में अन्य पात्र हैं– जैसे उसकी पत्नी। कहानी की बुनावट पर भी प्रश्न पूछे गए। कुछ लेखकों ने अपनी अधूरी कहानियों की समस्या सुलझाने के लिए भी प्रश्न पूछे। तेजेन्द्र शर्मा ने कहा कि लेखक को अपने मन की सच्चाई लिखनी चाहिये मगर एक बात का ध्यान रखना चाहिये कि वह उत्तेजक या भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल न करे।

तेजेन्द्र शर्मा ने लेखकों को आज की कहानी से जुड़ने के लिए कहा। उन्होंने बल दिया कि आज के कहानीकारों को पढ़िए ताकि कैनेडा के लेखकों का साहित्य मुख्य धारा से जुड़ सके। स्थानीय लेखक तेजेन्द्र शर्मा एक-एक बात को मन में उतार रहे थे। कार्यक्रम पौने पांच बजे 'यहां पर' विक्रान्त के धन्यवाद ज्ञापन के बाद समाप्त कर दिया गया क्योंकि लाइब्रेरी के पांच बजे बंद होने की घोषणा बार-बार इंटरकॉम पर हो रही थी परन्तु अब कार्यक्रम विजय विक्रान्त के घर पर स्थानांतरित हो गया जहां अल्पाहार और बाद में रात के खाने का प्रबंध किया गया था। विक्रान्त के निवास पर लेखक अनौपचारिक ढंग से तेजेन्द्र शर्मा से मिले। विविध विषयों पर बातचीत हुई। अवसर पा कर डॉ शैलजा सक्सेना ने तेजेन्द्र शर्मा का साक्षात्कार भी किया जो कि हिन्दी टाइम्स के आने वाले अंकों में प्रकाशित होगा। तेजेन्द्र शर्मा के अनुरोध पर जसबीर कालरवि ने अपनी कुछ ग़ज़लें सुनाईं।


तेजेन्द्र, ऑमनी २ और 'अपना रेडियो बॉलीवुड बीट्स' पर


टोरोंटो। कैनेडा के मुख्य बहुभाषी टीवी नेटवर्क ऑमनी 2 ने तेजेन्द्र शर्मा को अपने स्टूडियो में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया। वहां वे सुमन कुमार घई के साथ गए। 'बधाई हो' के प्रोड्यूसर नलिन बाखले ने तेजेन्द्र शर्मा का स्वागत किया और साक्षात्कार भी स्वयं ही किया। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग केवल साढ़े आठ मिनट की होती है परंतु तेजेन्द्र शर्मा जैसे लेखक को सामने पाकर नलिन बाखले स्वयं को नहीं रोक पाए। नलिन ने, जो स्वयं सृजनात्मक लेखन के प्रशिक्षित हैं, साहित्य लेखन के विषय में बहुत गंभीर प्रश्न पूछे। हिन्दी लेखन और अंग्रेज़ी लेखन की तुलना, स्थानीय सरोकारों पर हिन्दी लेखन की क्षमता आदि पर जमकर चर्चा हुई।


साक्षात्कार लगभग पैंतालिस मिनट चला। हिन्दी राइटर्स गिल्ड और कथा यूके सहयोग के बारे जब सुमन कुमार घई से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अंतरजाल ने विश्व को वास्तव में विश्वग्राम बना दिया है और तेजेन्द्र शर्माजी जैसा लेखक जिसने इस माध्यम को पूर्णतः अपना लिया है, दो महाद्वीपों (उत्तरी अमेरिका और यूरोप) में साहित्य सेतु के निर्माण के लिए जुटा है। सुमन घई ने कथा यूके के इस कदम के लिए धन्यवाद दिया।

ऑमनी 2 के बाद तेजेन्द्र शर्मा और सुमन घई सीधे रेडियो सीएमआर 101.3 एफएम पहुंचे जहां पर तेजेन्द्र शर्मा का स्वागत हिन्दी टाइम्स के प्रकाशक राकेश तिवारी और उपाध्यक्ष गुरमीत सैनी ने किया। 'अपना रेडियो बॉलीवुड बीट्स' भी राकेश तिवारी का ही कार्यक्रम है। रेडियो होस्टस देवसागर और स्वाति ने तेजेन्द्र शर्मा के पसंद के साहित्यिक गीत श्रोताओं के लिए प्रसारित किए। तेजेन्द्र शर्मा ने उन गीतों के साहित्यिक पक्ष की चर्चा की। राकेश तिवारी ने तेजेन्द्र शर्मा से कुछ प्रश्न पूछे और श्रोताओं को फोन करने के लिए आमंत्रित किया और तेजेन्द्र शर्मा ने फोन करने वालों से बातचीत की।


-सुमन घई

Tuesday, January 26, 2010

प्रवासी जीवन: काव्य गोष्टी का आयोजन!!



जनवरी २३, २०१० को दोपहर १.३० बजे से लक्ष्मी मंदिर, मिसिसागा के सभा गृह में हिन्दी राईटर्स गिल्ड के द्वारा 'प्रवासी जीवन' विषयक काव्य गोष्टी का आयोजन किया गया. गोष्टी में करीब ४० लोगों ने शिरकत की. कार्यक्रम का शुभारंभ चाय एवं जलपान से किया गया. जलपान के लिए स्वादिष्ट समोसे और जलेबी श्री../श्री.. के सौजन्य से उपलब्ध कराये गये.

गोष्टी की शुरुवात डॉ शैलजा सक्सेना के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर नमन एवं भारत के गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएँ ज्ञापित की.

तत्पश्चात श्री संदीप त्यागी द्वारा सरस्वति वंदना की गई.

इसके उपरान्त कार्यक्रम संचालन श्री संदीप त्यागी द्वारा किया गया.

शुरुवात में पाठक वर्ग और फिर सदस्यों द्वारा काव्य पाठ किया गया. ३ घंटे तक चली इस काव्य गोष्टी का सबने खूब आनन्द उठाया.

श्री अनिल पुरोहित, श्री प्राण कीरतानी जी, श्री रत्नाकर नराले जी, श्रीमती आशा बर्मन, श्रीमती राज कश्यप, सुश्री हैली, श्री गणेश जी, श्री समीर लाल, श्री निर्मल सिद्धु, श्री राज माहेश्वरी जी, श्रीमती लता पान्डे, प्रो सरन घई जी, सरोजनी जोहर जी, श्री भगवत शरण श्रीवास्तव, श्री सुमन घई, श्रीमती मीना चौपड़ा, डॉ. शैलजा सक्सेना, संदीप त्यागी जी एवं श्री गोपाल जी ने काव्य पाठ किया. गोष्टी के प्रमुख अंश की झलक:

१.श्री अनिल पुरोहित

कहते हैं यह दुनिया एक गांव है
गैरों में अपनों को ढूंढने, मैं सात समुन्द्र पार चला...

२. श्री प्राण कीरतानी जी

मन मारी मझधार हूँ मैं
बेबस और लाचार हूँ मैं

३. श्री रत्नाकर नराले जी ने सुन्दर भजन राह भैरवी में प्रस्तुत किया:

प्रभु बताओ दुखी जहां का
अजीब खेला क्यूं है रचाया

ये शोर दुखियों की आत्मा का
कहो प्रभु जी क्यूं मचाया


४. श्रीमती आशा बर्मन ने लोक गीत सुनाया:

मैं टप टप रोऊं रे
तू मोहे बिदेशवा लायो..

न तो मेरे भाई बहन हैं
न हैं मेरी सखियां..


५.श्रीमती राज कश्यप

वही अपनी प्राचीन सभ्यता
छोड़ कर हम नाम कमाने आये


६. सुश्री हैली ने अंग्रेजी कविता का पाठ किया:

Dance while you are furious
Dance while you are serious

(Healing through movement)

८. श्री समीर लाल

वो देखो कौन बैठा, किस्मतों को बांचता है
उसे कैसे बतायें, उसका घर भी कांच का है.

९.श्री निर्मल सिद्धु

एक और भारत

मेरे देश की याद आने लगी है
मेरे दिल पर बदरी सी छाने लगी है.

१०. राज माहेश्वरी जी

हैं हम सभी प्रवासी
भटकते हैं कभी यहाँ कभी वहाँ

सबसे पहले गिरती दिखी चांदी जैसी बर्फ
मन में आया यह धनी देश
मगर जैसे ही चांदी हाथ मे आई, बन गई पानी
प्रवासी अनुभव कर हम तो हो गये प्रसन्न!!


११. श्रीमती लता पान्डे

मेरे जीवन के अनगढ काले शिलाखण्ड पर
क्रूर निअय्ति ने अनगिनत किये प्रहार
दुखों की छैनी से हर चोट थी बहुत गहरी
और थी धारदार......

१२. प्रो सरन घई जी

सैंय्या काहे बने प्रवासी
जबकि अपने देश में भी है इन्कम अच्छी खासी...

१३. श्रीमती सरोजनी जोहर जी

प्रबल समय का चक्र चला

हम भूल नहीं सकते माँ को
जब तक तन में प्राण है..
हम प्रवासी भारतीयों के दिल में
धड़कता हिन्दुस्तान है..

१४. श्री भगवत शरण श्रीवास्तव

लो एक बालक की कहानी कह रह उसकी जुबानी
सुभाष शिवा का जोश मुझमें, धमनियों में रवानी..

१५. श्री सुमन घई

न जाने आज क्यूं मन से उठी चित्कार क्यूँ
यह विलाप क्यूँ और यह अश्रुधार क्यूँ..

१६. श्रीमती मीना चौपड़ा

बारिश के खिलौने

दौड़ती नजरें जब
जब गुजरे समय की सड़क पर
देखती है वापस मुड़कर
तो दिखाई देते हैं
दूर दूर छोर पर खड़े
कुछ बारिश के खिलौने
और धूप की नर्मी में भीगे पुराने रिश्ते
और कुछ
वक्त की धुँध से मिटते
पाँओं के निशान!!


१७. डॉ शैलजा सक्सेना

ऐसी चली हवा कि मेरी कविता कल्पना सूख गई अचानक...

मेरे गीत अचकचा कर
भाग जाना चाहते हॆ दीवारो के पीछे
देख नही पाते हेटी मे मरते आदमी
नाइजीरिया - युगान्डा मे उठती राइफले
इथियोपिया की सूखे से दरकती धरती
चीन के बन्द तहखानो मे पसीना बहाते
बच्चे रोने लगते हॆ मेरे कलम उठाते ही


१७.श्री संदीप त्यागी जी

पड़ा कर्ण कुहारों में क्रन्दन करुण स्वर
भारत माता का, तो हो उठा वो करुण था.
हुआ नष्ट परतन्त्रता का तमोतम तभी
तमतमा उठा तीव्रतेज से तरुण था.


१८ श्री गोपाल जी द्वारा गीत का सस्वर पाठ किया:

सृष्टि सिमटती शिखाओं में
भृकुटि से झिकती निगाहों में..



कार्यक्रम का समापन श्री विक्रान्त जी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से किया. इसी मौके पर अन्त में डॉ शैलजा सक्सेना द्वारा मार्च में आयोजित होली के कार्यक्रम की रुपरेखा बताई गई एवं एक कार्यक्रम समिति की घोषणा की गई जिसमें श्रीमती आशा बर्मन, श्रीमती लता पाण्डे, प्रो सरन घई, श्री निर्मल सिद्धु एवं श्री रत्नाकर नराले जी होंगे. साथ ही फरवरी में श्रीमती मीना चौपड़ा की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम की जानकारी दी गई.

Sunday, November 22, 2009

हिन्दी राइटर्स गिल्ड का अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी महोत्सव


अक्तूबर ०३, २००९ - मिसिसागा, हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने आज पोर्ट क्रेडिट सकेंडरी स्कूल के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी महोत्सव का आयोजन किया। इस अवसर पर चित्रकला, हस्तकला और पुस्तक प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया गया था। चित्रकला प्रदर्शनी में चित्रों का चयन और उनका संकलन हिन्दी राइटर्स गिल्ड की सदस्या और क्रॉस करंट्स इंडो कैनेडियन इंटरनेशनल आर्ट्स की निदेशिका मीना चोपड़ा ने किया। इस चित्रकला प्रदर्शनी में कैनेडा,

भारत और बंग्लादेश के कलाकारों की चित्रकला को प्रदर्शित किया गया। हस्तकला प्रदर्शनी का आयोजन रेनबो कोम्युनिटी सर्विसिज़ ने किया था।
हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने इस अवसर पर यू.एस.ए. के विश्वप्रसिद्ध कवि और हिन्दी कर्मी राकेश खण्डेलवाल, अनूप भार्गव और रजनी भार्गव को आमन्त्रित किया था। स्थानीय अतिथियों में डॉ. रूबी ढाल्ला (एम.पी), माननीय नवदीप बैंस (एम.पी) और डॉ. कुलदीप कुलार(एम.एल.ए) भी उपस्थित थे।

डॉ. रूबी ढाल्ला ने अपने संबोधन में हिन्दी राइटर्स गिल्ड को बधाई दी। उन्होंने उस दिन टोरोंटो स्टार के मुख पृष्ठ पर प्रकाशित समाचार की ओर ध्यान दिलाते स्थानीय लेखकों को चुनौती दी कि वह अपने लेखन द्वारा समाज में जागृति पैदा करें कि विदेश में रहते हुए भी जन्म से पहले ही माता पिता केवल बेटों की कामना न करें। माननीय नवदीप बैंस ने अपनी टिप्पणी में बताया कि उनके नाना जी का जन्म पाकिस्तान में हुआ, उनके पिता का राजस्थान में और वह कैनेडा में रहते हुए तीन भाषाओं से परिचित हैं। बहुभाषी होने की महत्ता को उन्होंने रेखांकित किया। डॉ. कुलदीप कुलार ने हैरानी प्रकट की कि अभी तक वह हिन्दी की गतिविधियों से परिचित नहीं हुए। शायद इसका कारण यह भी हो सकता है कि अभी तक के विभिन्न हिन्दी की संस्थाओं ने स्थानीय राजनितिज्ञों को आमन्त्रित ही नहीं किया।





कार्यक्रम का आरम्भ करते हुए डॉ. शैलजा सक्सेना ने उपस्थित श्रोताओं का स्वागत किया और मानोशी चटर्जी को सरस्वती वंदना के लिए आमन्त्रित किया। मानोशी के मधुर गायन के बाद विजय विक्रान्त ने हिन्दी राइटर्स गिल्ड का परिचय दिया। आमन्त्रित कवियों का सम्मान उन्हें शाल ओढ़ाकर किया गया।
अगले चरण में हिन्दी राइटर्स गिल्ड द्वारा प्रकाशित पहली पुस्तक “निर्मल भाव“ का लोकार्पण किया गया। इस काव्य संकलन के लेखक हैं निर्मल सिद्धू। विमोचन करने के बाद सुमन कुमार घई ने पुस्तक के बारे में संक्षिप्त चर्चा की और निर्मल सिद्धू की कविताओं में आध्यात्मिक झुकाव, सामाजिक जागरुकता की ओर ध्यान दिलाया और निर्मल जी को एक कविता पढ़ने के लिए आमंत्रित किया। दूसरा लोकार्पण भी सुमन कुमार घई ने ही किया। बाल कविताओं की पुस्तक “आओ बच्चो हम तुम गाएँ“ की लेखिका भुवनेश्वरी पाण्डे हैं। अपने ढंग की बच्चों को रोचक ढंग से हिन्दी सिखाने वाली चित्रों के साथ रंगीन पुस्तक शायद उत्तरी अमेरिका में पहली होगी। इस कार्यक्रम के साथ ही पहले सत्र का पहला चरण पूरा हुआ।
दूसरे चरण में शास्त्रीय संगीत का आयोजन था। प्रसिद्ध सितारवादक वक्कालंक्का जी ने राग भीम पलासी से शुरू किया और फिर तबले की द्रुत तीन ताल से होते हुए एक झाले की प्रस्तुति के बाद सितारवादन का अंत हुआ। चारू और मानोशी चटर्जी ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति की। अब शाम के पाँच बज चुके थे और खाने के लिए एक घंटे का अंतराल हुआ। स्वादिष्ट भोजन का आयोजन भी हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने ही किया था।
अगला सत्र कवि सम्मेलन, शाम के छह बजे शुरू हुआ और रात के ९:३० बजे तक चला। राकेश खण्डेलवाल के गीतों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। अनूप भार्गव की प्रभावशाली छोटी छोटी कविताएँ भी बहुत सराही गईं। रजनी भागर्व की कविताओं का स्वागत करतल ध्वनि से हुआ। स्थानीय कवियों में थे भगवतशरण श्रीवास्तव, मीना चोपड़ा, सरन घई, आचार्य संदीप कुमार त्यागी, निर्मल सिद्धू, प्रीति धामने, विजय विक्रान्त, लता पाण्डे, डॉ. शैलजा सक्सेना, मानोशी चटर्जी, दीप्ति अचला कुमार, आशा बर्मन, सुमन कुमार घई, राकेश तिवारी , सुरेन्द्र पाठक, जसबीर कालरवि, सरोजिनी जौहर, कृष्णा वर्मा, भुवनेश्वरी पाण्डे, गोपाल बघेल, राज महेश्वरी, पाराशर गौड और इन्दु शर्मा। इस कार्यक्रम में २०० से अधिक श्रोता उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम के आयोजन बहुत से स्वयं सेवकों बढ़-चढ़कर भाग लिया। हिन्दी राइटर्स गिल्ड उन सबकी आभारी है। मीडिया में हिन्दी टाइम्स, अपना रेडियो बॉलीवुड बीट्स, स्टार बज़्ज़, सुपीरियर स्टार पत्रिका ने सहयोग दिया। मिसीसागा न्यूज, टी.वी. एशिया. ओमनी २ और एटीएन ने इसे कवरेज दी। आर्थिक रूप से बहुत से स्थानीय लोगों ने सहायता की। और मुख्य प्रायोजक बैल कैनेडा था। अंत में हिन्दी राइटर्स गिल्ड की ओर से सभी को धन्यवाद।

Thursday, September 10, 2009

Program Ad English


आमंत्रण


अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी महोत्सव निमंत्रण ३ अक्टूबर


हिन्दी राइटर्स गिल्ड
(रजिस्टर्ड चैरिटेबल ऑर्गेनाईज़ेशन)

गिल्ड का संक्षिप्त परिचय
गिल्ड की स्थापना जून,२००८ में हुई थी। यह अपने प्रकार की पहली बहु आयामी संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य हिन्दी लेखकों के लेखन की क्षमता और योग्यता को सेमिनार, कार्यशालाओं तथा भाषणों द्वारा बढा कर, हिन्दी साहित्य के लिये एक व्यापक सामाजिक समझ पैदा करना है।
इस संस्था में लेखकों को अपने समाज के विषय में, उनके वर्तमान जीवन और उनसे जुड़ी समस्याओं पर लिखने को प्रोत्साहित किया जाता है और उन समस्याओं और उनके समाधानों पर, लेखकों के अनुभवों पर गिल्ड की बैठकों में चर्चा की जाती है।
गिल्ड द्वारा अन्य लाभ-निर्पेक्ष और शैक्षिक संस्थाओं के साथ का सहयोग हिन्दी लेखकों, हिन्दी पुस्तकों और हिन्दी साहित्य के लिये एक बेहतर समझ पैदा करता है।
हिन्दी लेखन को कंप्यूटर पर लाना तथा कनाडा में ही हिन्दी पुस्तकों के प्रकाशन की व्यवस्था करवाना गिल्ड के मुख्य उद्देश्य हैं।


अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी महोत्सव
हिन्दी राइटर्स गिल्ड शनिवार, 3 अक्टूबर,2009 को अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी महोत्सव आयोजित कर रहा है।
यह कार्यक्रम पोर्ट क्रेडिट सैकेन्डरी स्कूल, 70 मिनिओला स्ट्रीट ईस्ट, मिसीसागा (मिनिओला के साउथ ईस्ट कॉर्नर और ह्यूरोन्टारियो स्ट्रीट) में आयोजित किया जा रहा है। इसका फोन नं है: 905-278-3382
यह महोत्सव हिन्दी साहित्य महोत्सव है और इस दिन के मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

1. कला चित्रों की प्रदर्शनी: स्थानीय चित्रकारों और मूर्तिकारों के चित्रों तथा मूर्तियों की प्रदर्शनी स्कूल के हाल में होगी। इस प्रदर्शनी से इन कलाकारों को वह प्रोत्साहन मिलेगा जो पहले नहीं मिला था।
2. पुस्तक प्रदर्शनी: हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जायेगी। इस प्रदर्शनी से समाज के साहित्यक वैभव का भी पता लगेगा साथ ही पाठकों को स्थानीय लेखन से परिचित होने का अवसर मिलेगा। कुछ पुस्तकों को खरीदा भी जा सकेगा।
3. पुस्तक विमोचन: हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सदस्यों द्वारा लिखी पुस्तकों का विमोचन किया जायेगा।
4. संगीत-कार्यक्रम: स्थानीय संगीतकारों द्रारा कार्यक्रम की प्रस्तुति की जायेगी।
5. कवि-सम्मेलन: स्थानीय तथा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी लेखकों एवं निमंत्रित अन्य भारतीय भाषाओं के कवियों द्वारा कविता पाठ मुख्य सभागार में होगा।
6. मीडिया-कवरेज: मुख्य टेलिविजन केंद्रों, रेडियो स्टेशन तथा समाचार पत्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम को कवर करेंगे।
7. भोजन व्यवस्था: स्वादिष्ट भारतीय भोजन की भी व्यवस्था है
8. स्मारिका: इस अवसर पर एक स्मारिका प्रकाशित की जायेगी जिसमें हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सदस्यों तथा अतिथि कवियों की रचनाओं तथा सरकारी पदाधिकारियों के संदेश प्रकाशित किये जायेंगे।
अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें: hindiwg@gmail.com

Invitation for Oct. 3rd International Hindi Festival


Hindi Writers Guild
(A Registered Charitable Organization)


A Brief Introduction
Formed in June 2008, Hindi Writers Guild is a first of its kind multi-faceted organization in Canada. Its prime objective is to educate and increase public understanding of Hindi literature by developing the writing skills of South Asian languages writers; through seminars, lectures and conferences.
Writers are encouraged to write about the society they live in, discuss the problems they encounter, suggest suitable solutions and share their experiences and ideas in Hindi Writers Guild’s meetings.
Collaboration and liaison with other charitable and educational sister organizations leads to better understanding and appreciation of Hindi books, Hindi writers and Hindi literature.
Computer literacy and promotion of book publication in Canada are the main intent of Hindi Writers Guild.


International Hindi Festival
Hindi Writers Guild is hosting an International Hindi Festival on Saturday October 3, 2009.
This event will be held in Port Credit Secondary School, 70 Mineola Street East, Mississauga (SE Corner of Mineola and Hurontario Streets). Phone Number is 905 278 3382.
This event will be organized as a Hindi Literary Festival. Highlights of this festival are as follows:-
1. Exhibition of Arts and Paintings: Selected paintings and objects of art by local artists and sculptors will be on display in the main foyer. These exhibits will not only recognize the local artists but also emphasize and appreciate the talent not exposed before.
2. Book Exhibition: Literary books published in Hindi and other Indian languages will also be on display in the main foyer. These publications will accentuate the treasure of knowledge within the community. Some of the books will be available for sale.
3. Book Launching: Books by Hindi Writers Guild’s members will be launched.
4. Musical Presentation: Local artists will entertain the guests with their melodious instrumental and vocal presentations.
5. Kavi Sammelan (Poetry Recitation): Poetry Recitation by local and international Hindi writers and special invitees from other languages will be held in the main auditorium.
6. Coverage by Media: Representatives from television stations, radio stations and newspapers will be present to cover the activities of this event.
7. Food : Delicious and sumptuous Indian meals will be served.
8. Memorabilia (Samarika): A memorabilia in the form of a souvenir will be distributed. This publication will include but not limited to the greetings received from dignitaries, poems or articles by Hindi Writers Guild’s members and advertisements by the sponsors.
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